Friday, 26 February 2016

C V Raman! :-))

वैज्ञानिक चेतना के वाहक - चंद्रशेखर वेंकट रामन

मौखिक

प्र   १  रामन भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे ?

उ  रामन भावुक प्रकृति प्रेमी होने के अलावा एक जिज्ञासु वैज्ञानिक भी थे।  इसी कारण वे एक विश्व-विख्यात वैज्ञानिक बने।

प्र   २  समुद्र को देखकर रामन के मन में कौन-सी दो जिज्ञासाएँ उठीं ?

उ  वे इस बात को लेकर जिज्ञासु थे कि  समुद्र का रंग आखिर नीला ही क्यों है, कुछ और क्यों नहीं ?

प्र   ३ रामन के पिता ने उनमे किन विषयों की सशक्त नींव डाली?

उ  रामन के पिता गणित और भौतिकी के शिक्षक थे।  इसलिए इन दो विषयों (read subjects) के प्रति उन्हें आकर्षित किया।  एक सफल वैज्ञानिक बनने में गणित और भौतिकी ने उनकी बहुत मदद की.

प्र   ४  वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के अध्ययन के द्वारा रामन क्या करना चाहते थे ?

उ  वाद्ययंत्रों की कार्य - क्षमता के बारे में जानने की जिज्ञासा ने रामन को उनका अध्य्यन करने के लिए प्रेरित किया।  उन्होंने न केवल देशी वरन विदेशी वाद्ययंत्रों के बारे में भी अध्ययन किया।

प्र   ५  सरकारी  नौकरी छोड़ने के पीछे रामन की क्या भावना थी ?

उ  वैज्ञानिक अध्ययन (scientific studies) और शोधकार्य  (research) करने के लिए रामन ने सरकारी नौकरी छोड़ दी।

प्र   ६ 'रामन प्रभाव' की खोज के पीछे कौन-सा सवाल हिलोरें ले रहा था ?

उ  इस खोज के पीछे समुद्र के नील रंग का कारण हिलोरें ले रहा था।  बहुत समय ही रामन को समुद्र के नीले रंग ने प्रभावित कर दिया था।  इसी जिज्ञासा नेआगे चलकर उन्हें रामन - प्रभाव की खोज के लिए प्रेरित किया।

प्र   ७  'प्रकाश तरंगों' के बारे में आइंस्टाइन ने क्या बताया ?

उ  आइंस्टाइन ने यह खोज की कि  प्रकाश अति सूक्ष्म कणों की तीव्र धारा के समान है।  उन्होंने ने इन कणों की तुलना बुलेट से की और उन्हें 'फोटॉन ' का नाम दिया।

प्र   ८  रामन की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया ?

उ  रामन प्रभाव की खोज के बाद अणु तथा परमाणु के आतंरिक संरचना का अध्ययन सहज हो गया।  इससे पहले इस कार्य के लिए 'इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रॉस्कोपी 'का सहारा लिया जाता था।

सीता लक्ष्मी :-)))

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